Politics में नैतिकता (Ethics) की Importance केवल सत्ता प्राप्त करने या शासन चलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज और राष्ट्र के भविष्य को सही दिशा देने का आधार भी है। नैतिकता राजनीति को विश्वसनीय, न्यायपूर्ण और जनहितकारी बनाती है।
Politics में नैतिकता का अर्थ
Politics में नैतिकता का मतलब है ईमानदारी, निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ राजनीतिक कार्य करना। जब सत्ता का प्रयोग व्यक्तिगत स्वार्थ के बजाय सार्वजनिक हित के लिए होता है, तभी राजनीति अपने वास्तविक उद्देश्य को पूरा करती है।
लोकतंत्र में नैतिकता क्यों ज़रूरी है?
लोकतंत्र जनता के विश्वास पर टिका होता है। यदि राजनीति में भ्रष्टाचार, पक्षपात और अनैतिक आचरण बढ़ता है, तो जनता का विश्वास कमजोर हो जाता है। नैतिक राजनीति लोकतंत्र को मजबूत करती है और शासन को स्थिर बनाती है।
नैतिकता और सत्ता का संतुलन
सत्ता अपने आप में न तो अच्छी होती है और न ही बुरी। उसका प्रभाव उसके उपयोग पर निर्भर करता है। नैतिकता सत्ता के दुरुपयोग को रोकती है और कानून के शासन को मजबूत बनाती है।
जवाबदेही और पारदर्शिता
नैतिक राजनीति में नेता अपने निर्णयों के लिए जनता के प्रति जवाबदेह होते हैं। पारदर्शी शासन व्यवस्था भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाती है और प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाती है।
निष्कर्ष
Politics में नैतिकता केवल आदर्शवाद नहीं, बल्कि लोकतंत्र की व्यावहारिक आवश्यकता है। ईमानदारी, न्याय और जनहित पर आधारित राजनीति ही एक मजबूत, स्थिर और विश्वसनीय शासन व्यवस्था का निर्माण कर सकती है।
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