वैश्विक राजनीति में भारत की बढ़ती साख आज के अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण और चर्चित विषय बन चुकी है। भारत अब केवल एक विकासशील देश नहीं, बल्कि एक प्रभावशाली वैश्विक शक्ति के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।
भारत की वैश्विक भूमिका में बदलाव
पिछले कुछ वर्षों में भारत की विदेश नीति अधिक सक्रिय, संतुलित और रणनीतिक हुई है। चाहे वह कूटनीति हो, आर्थिक सहयोग हो या सुरक्षा से जुड़े मुद्दे — भारत ने हर मंच पर अपनी स्पष्ट और सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है।
आर्थिक शक्ति के रूप में भारत
दुनिया की तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में भारत का स्थान लगातार मजबूत हुआ है। निवेश, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप इकोसिस्टम और वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की भूमिका अंतरराष्ट्रीय विश्वास को और बढ़ाती है।
कूटनीति और वैश्विक मंच
G20, BRICS, QUAD, और संयुक्त राष्ट्र जैसे मंचों पर भारत की सक्रिय भूमिका उसकी वैश्विक साख को दर्शाती है। भारत Global South की आवाज़ बनकर विकासशील देशों के मुद्दों को दुनिया के सामने प्रभावी ढंग से रख रहा है।
सॉफ्ट पावर और सांस्कृतिक प्रभाव
योग, आयुर्वेद, भारतीय संस्कृति और लोकतांत्रिक मूल्य भारत की Soft Power को मजबूत करते हैं। वैश्विक स्तर पर भारतीय समुदाय (Diaspora) भी भारत की सकारात्मक छवि निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
चुनौतियाँ और जिम्मेदारियाँ
बढ़ती वैश्विक साख के साथ भारत पर जिम्मेदारियाँ भी बढ़ी हैं। क्षेत्रीय तनाव, जलवायु परिवर्तन, वैश्विक असमानता और भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियों के बीच भारत को संतुलित और दूरदर्शी नीति अपनानी होगी।
निष्कर्ष
वैश्विक राजनीति में भारत की बढ़ती साख यह संकेत देती है कि भारत अब अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में केवल भागीदार नहीं, बल्कि दिशा तय करने वाली शक्ति बनता जा रहा है। आने वाले वर्षों में, भारत की कूटनीति, आर्थिक मजबूती और लोकतांत्रिक मूल्य उसे वैश्विक नेतृत्व की ओर और आगे ले जा सकते हैं।
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