G20 में भारत की भूमिका और राजनीतिक महत्व वर्तमान वैश्विक राजनीति में भारत की बढ़ती हुई कूटनीतिक शक्ति और नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है। G20 जैसे मंच पर भारत की सक्रिय भागीदारी न केवल आर्थिक, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
G20 क्या है?
G20 (Group of Twenty) विश्व की 20 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं का समूह है, जिसमें विकसित और विकासशील दोनों देश शामिल हैं। इसका उद्देश्य वैश्विक आर्थिक स्थिरता, विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना है।
G20 में भारत की भूमिका
भारत ने G20 मंच पर Global South की आवाज़ को प्रमुखता से उठाया है। विकासशील देशों की समस्याएँ, ऋण संकट, जलवायु परिवर्तन और समावेशी विकास जैसे मुद्दों पर भारत ने संतुलित और व्यावहारिक दृष्टिकोण दुनिया के सामने रखा है।
भारत की भूमिका केवल भागीदारी तक सीमित नहीं, बल्कि नीति-निर्धारण में सक्रिय नेतृत्व की रही है। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, वित्तीय समावेशन और सतत विकास भारत के प्रमुख एजेंडा रहे हैं।
राजनीतिक महत्व
G20 में भारत की मजबूत मौजूदगी उसकी वैश्विक राजनीतिक स्थिति को और सुदृढ़ करती है। यह भारत को एक जिम्मेदार वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित करती है, जो संवाद, सहयोग और बहुपक्षीयता में विश्वास रखता है।
इसके साथ ही, भारत की कूटनीति महाशक्तियों के बीच संतुलन बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इससे भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता दोनों बढ़ती हैं।
भारत के लिए अवसर
G20 मंच भारत को निवेश, तकनीक, व्यापार और वैश्विक सहयोग बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। साथ ही, यह मंच भारत की संस्कृति, लोकतांत्रिक मूल्यों और विकास मॉडल को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का भी एक सशक्त माध्यम है।
निष्कर्ष
G20 में भारत की भूमिका और राजनीतिक महत्व यह दर्शाता है कि भारत अब केवल एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि वैश्विक निर्णय प्रक्रिया में एक प्रभावशाली और विश्वसनीय भागीदार बन चुका है। आने वाले समय में, भारत की सक्रिय कूटनीति वैश्विक राजनीति की दिशा निर्धारित करने में और भी बड़ी भूमिका निभा सकती है।
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