भारत में Election Commission के अनुसार लगभग 6 राष्ट्रीय, 67 राज्य-स्तरीय और लगभग 2854 पंजीकृत राजनीतिक पार्टियाँ हैं जो आयोग के पास रजिस्ट्रेशन रखती हैं।
भारत में राजनीतिक दल (Political Parties) लोकतांत्रिक व्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं। चुनाव आयोग (Election Commission of India) के अनुसार देश में बड़ी संख्या में राजनीतिक पार्टियाँ पंजीकृत हैं, जो अलग-अलग विचारधाराओं, क्षेत्रीय हितों और सामाजिक समूहों का प्रतिनिधित्व करती हैं।
Election Commission के अनुसार राजनीतिक दलों की स्थिति
चुनाव आयोग के ताज़ा उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार, भारत में कुल मिलाकर लगभग 2927 से अधिक राजनीतिक पार्टियाँ पंजीकृत हैं। इन्हें उनकी मान्यता के आधार पर तीन प्रमुख श्रेणियों में बाँटा गया है।
- राष्ट्रीय दल (National Parties): लगभग 6
- राज्य-स्तरीय दल (State Parties): लगभग 67
- पंजीकृत लेकिन अमान्य दल: लगभग 2854
राष्ट्रीय और राज्य दलों का महत्व
राष्ट्रीय दल पूरे देश में अपनी मौजूदगी रखते हैं और केंद्र सरकार की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं राज्य-स्तरीय दल क्षेत्रीय मुद्दों, स्थानीय पहचान और राज्य की राजनीति को आवाज़ देते हैं।
इतनी अधिक पंजीकृत पार्टियाँ क्यों?
भारत की सामाजिक, भाषाई और सांस्कृतिक विविधता के कारण विभिन्न विचारधाराओं और हितों का प्रतिनिधित्व करने के लिए कई राजनीतिक दल सामने आते हैं। हालाँकि, इनमें से बड़ी संख्या चुनावों में सक्रिय भूमिका नहीं निभा पाती, लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था में पंजीकरण का अधिकार सभी को प्राप्त है।
लोकतंत्र पर प्रभाव
राजनीतिक दलों की अधिक संख्या एक ओर लोकतंत्र में विचारों की स्वतंत्रता को दर्शाती है, तो दूसरी ओर चुनावी सुधार और पारदर्शिता की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है। मजबूत और जिम्मेदार दल ही लोकतंत्र को स्थिर और प्रभावी बना सकते हैं।
निष्कर्ष
भारत में पंजीकृत राजनीतिक दलों की बड़ी संख्या यह दिखाती है कि भारतीय लोकतंत्र कितना व्यापक और समावेशी है। चुनाव आयोग की भूमिका यह सुनिश्चित करने की है कि राजनीतिक प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और संवैधानिक मर्यादाओं के अनुरूप चले।
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