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Diplomacy of India: भारत की कूटनीति और वैश्विक भूमिका

Diplomacy of India (भारत की कूटनीति) देश की विदेश नीति का वह माध्यम है, जिसके जरिए भारत अन्य देशों के साथ राजनीतिक, आर्थिक, सुरक्षा और सांस्कृतिक संबंध स्थापित और मजबूत करता है। भारतीय कूटनीति का मूल उद्देश्य राष्ट्रीय हितों की रक्षा और वैश्विक शांति में योगदान है।


भारतीय कूटनीति का अर्थ

Diplomacy का अर्थ है संवाद, समझौते और शांतिपूर्ण तरीकों से अंतरराष्ट्रीय संबंधों को संभालना। भारत की कूटनीति शांति, सहयोग और सह-अस्तित्व के सिद्धांतों पर आधारित रही है।


भारतीय कूटनीति के प्रमुख सिद्धांत

  • पंचशील सिद्धांत
  • गुटनिरपेक्षता (Non-Alignment)
  • संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान
  • शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व
  • वैश्विक सहयोग और बहुपक्षीयता

आधुनिक समय में भारत की कूटनीति

वर्तमान दौर में भारत की Diplomacy रणनीतिक और व्यावहारिक बन गई है। पड़ोसी देशों से संबंध, महाशक्तियों के साथ संतुलन, वैश्विक मंचों पर सक्रिय भूमिका और आर्थिक कूटनीति आज की भारतीय विदेश नीति के मुख्य आयाम हैं।


भारत की कूटनीति का महत्व

भारतीय कूटनीति देश की सुरक्षा, व्यापार, निवेश, ऊर्जा आवश्यकताओं और अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा से सीधे जुड़ी हुई है। मजबूत कूटनीति भारत को वैश्विक मंच पर एक जिम्मेदार और प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में स्थापित करती है।


निष्कर्ष

Diplomacy of India शांति, संवाद और राष्ट्रीय हितों के संतुलन पर आधारित है। बदलती वैश्विक परिस्थितियों में भारत की सक्रिय और संतुलित कूटनीति देश के विकास और वैश्विक भूमिका को और मजबूत बना रही है।

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