January 2, 2026
राजनीति को अक्सर केवल नेताओं, दलों और सत्ता तक सीमित समझ लिया जाता है, लेकिन वास्तव में राजनीति का सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ जनता की सहभागिता होती है। जब आम लोग सवाल पूछते हैं, राय रखते हैं और निर्णय प्रक्रिया में भाग लेते हैं, तभी लोकतंत्र जीवंत बनता है।
लोगों की सहभागिता केवल मतदान तक सीमित नहीं है। यह जागरूकता, संवाद, शांतिपूर्ण विरोध, सामाजिक मुद्दों पर चर्चा और जवाबदेही की माँग के रूप में भी सामने आती है। निष्क्रिय नागरिकता लोकतंत्र को कमजोर करती है, जबकि सक्रिय भागीदारी उसे मजबूती देती है।
सहभागिता क्यों ज़रूरी है
जब लोग राजनीति से दूरी बना लेते हैं, तो फैसले कुछ सीमित हाथों में सिमट जाते हैं। इसके विपरीत, जनता की भागीदारी नीतियों को ज़मीनी सच्चाई से जोड़ती है और सत्ता को यह याद दिलाती है कि उसका असली स्रोत जनता ही है।
राजनीति में सहभागिता न केवल अधिकार है, बल्कि एक जिम्मेदारी भी है। यह जिम्मेदारी आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर व्यवस्था छोड़ने की भावना से जुड़ी होती है।
एक विचार
लोकतंत्र में सबसे खतरनाक स्थिति तब होती है जब लोग यह मान लेते हैं कि उनकी आवाज़ का कोई महत्व नहीं। असल बदलाव की शुरुआत इसी सोच को बदलने से होती है।
Author : Vivek Tiwari
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