Sansad की Rajya Sabha Speaker की नियुक्ति क्या है: उपराष्ट्रपति की संवैधानिक भूमिका

January 4, 2026

राज्यसभा का स्पीकर वास्तव में Chairman of Rajya Sabha कहलाता है। यह पद भारतीय संसद का एक अत्यंत महत्वपूर्ण संवैधानिक पद है। राज्यसभा के अध्यक्ष की नियुक्ति भारतीय संविधान द्वारा स्पष्ट रूप से निर्धारित की गई है।


राज्यसभा का स्पीकर कौन होता है?

भारतीय संविधान के अनुसार, भारत के उपराष्ट्रपति (Vice President) ही राज्यसभा के पदेन अध्यक्ष (Ex-officio Chairman) होते हैं। अर्थात राज्यसभा का स्पीकर अलग से नियुक्त नहीं किया जाता, बल्कि उपराष्ट्रपति स्वयं राज्यसभा की अध्यक्षता करते हैं।


राज्यसभा अध्यक्ष की नियुक्ति प्रक्रिया

राज्यसभा के अध्यक्ष की नियुक्ति अप्रत्यक्ष रूप से होती है। जब भारत के उपराष्ट्रपति का चुनाव होता है, तो वही व्यक्ति स्वतः ही राज्यसभा का अध्यक्ष बन जाता है।

उपराष्ट्रपति का चुनाव एक विशेष निर्वाचन मंडल द्वारा किया जाता है, जिसमें लोकसभा और राज्यसभा के सभी निर्वाचित सदस्य शामिल होते हैं। इस चुनाव में समानुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली और एकल हस्तांतरणीय मत (single transferable vote) का प्रयोग होता है।


Deputy Chairman की नियुक्ति

राज्यसभा में Deputy Chairman का भी प्रावधान है। Deputy Chairman का चयन राज्यसभा के सदस्य अपने बीच से ही करते हैं। Chairman की अनुपस्थिति में Deputy Chairman सदन की कार्यवाही का संचालन करते हैं।


राज्यसभा अध्यक्ष की भूमिका

  • राज्यसभा की कार्यवाही का संचालन
  • सदन में अनुशासन बनाए रखना
  • संवैधानिक नियमों की व्याख्या करना
  • विधेयकों और प्रस्तावों पर निर्णय देना
  • लोकसभा और राज्यसभा के बीच समन्वय

निष्कर्ष

संसद की राज्यसभा के स्पीकर की नियुक्ति अलग से नहीं होती, बल्कि भारत के उपराष्ट्रपति स्वतः ही इस पद को संभालते हैं। यह व्यवस्था राज्यसभा को राजनीतिक दबाव से दूर रखते हुए संवैधानिक संतुलन और निष्पक्षता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

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