Politics में Public का Role क्या है: लोकतंत्र में जनता की शक्ति और जिम्मेदारी

Politics में Public (जनता) का Role लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव है। राजनीति केवल नेताओं या पार्टियों तक सीमित नहीं होती, बल्कि जनता की सक्रिय भागीदारी से ही राजनीतिक व्यवस्था जीवंत और जवाबदेह बनती है।


Public का प्रमुख Role क्या है?

1. मतदान (Voting):
चुनावों में वोट डालकर जनता अपने प्रतिनिधि चुनती है। यह लोकतंत्र में जनता की सबसे बुनियादी शक्ति है।

2. सरकार पर निगरानी:
जनता सरकार के कार्यों, नीतियों और फैसलों पर नज़र रखती है। गलत निर्णयों पर आवाज़ उठाना लोकतांत्रिक जिम्मेदारी है।

3. जनमत निर्माण (Public Opinion):
बहस, चर्चा, मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म के जरिए जनता जनमत बनाती है, जो नीति-निर्माण को प्रभावित करता है।

4. शांतिपूर्ण विरोध और समर्थन:
आंदोलन, धरना और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के माध्यम से जनता अपनी मांगें सरकार तक पहुँचाती है।

5. नागरिक सहभागिता:
स्थानीय निकाय, पंचायत, सामाजिक संगठनों और नागरिक मंचों में भागीदारी राजनीति को जन-केन्द्रित बनाती है।


Politics में Public Role क्यों ज़रूरी है?

यदि जनता निष्क्रिय हो, तो राजनीति कुछ लोगों तक सीमित रह जाती है। सक्रिय Public सरकार को जवाबदेह बनाती है, भ्रष्टाचार पर रोक लगाती है और लोकतंत्र को मजबूत करती है।


निष्कर्ष

Politics में Public का Role केवल वोट देने तक सीमित नहीं है। जागरूक, सक्रिय और जिम्मेदार नागरिक ही लोकतंत्र की असली ताकत होते हैं। जब जनता सवाल पूछती है, तभी राजनीति सही दिशा में आगे बढ़ती है।

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