भारत की एकता और अखंडता: राष्ट्र की मजबूती और नागरिकों की भूमिका

भारत की एकता और अखंडता देश की सबसे बड़ी शक्ति और राष्ट्रीय अस्तित्व की आधारशिला है। भाषा, धर्म, जाति, संस्कृति और भौगोलिक विविधताओं के बावजूद भारत एक राष्ट्र के रूप में सदियों से एकजुट बना हुआ है।


एकता और अखंडता का अर्थ

एकता का अर्थ है देश के नागरिकों के बीच आपसी सहयोग, भाईचारा और राष्ट्रीय भावना। अखंडता का अर्थ है देश की भौगोलिक, राजनीतिक और संवैधानिक संपूर्णता को कायम रखना। दोनों मिलकर भारत को एक मजबूत राष्ट्र बनाते हैं।


भारत में एकता के आधार

  • भारतीय संविधान और उसके मूल्य
  • लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था
  • राष्ट्रीय प्रतीक और संस्थाएँ
  • साझा इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम
  • सांस्कृतिक सहिष्णुता और विविधता में एकता

एकता और अखंडता की चुनौतियाँ

आधुनिक समय में क्षेत्रवाद, जातिवाद, धार्मिक कट्टरता और राजनीतिक विभाजन जैसी चुनौतियाँ राष्ट्रीय एकता को प्रभावित करती हैं। इनसे निपटने के लिए संवैधानिक मूल्यों, कानून के शासन और सामाजिक संवाद की अत्यंत आवश्यकता है।


नागरिकों की भूमिका

भारत की एकता और अखंडता को मजबूत बनाए रखने में नागरिकों की भूमिका सबसे अहम है। संविधान का सम्मान, कानून का पालन, सांप्रदायिक सौहार्द और राष्ट्रीय हित को व्यक्तिगत हित से ऊपर रखना हर नागरिक का कर्तव्य है।


निष्कर्ष

भारत की एकता और अखंडता केवल सरकार या संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर भारतीय का सामूहिक दायित्व है। जब हम अपनी विविधताओं को सम्मान देते हुए राष्ट्रीय भावना को प्राथमिकता देते हैं, तभी भारत एक सशक्त, सुरक्षित और अखंड राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ता है।

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